यह पहली व्यावसायिक रूप से सफल रिचार्जेबल बैटरी है। इसमें लेड (Pb) एनोड, लेड डाइऑक्साइड (PbO₂) कैथोड और सल्फ्यूरिक एसिड (H₂SO₄) इलेक्ट्रोलाइट का उपयोग होता है। डिस्चार्ज के दौरान, दोनों इलेक्ट्रोड लेड सल्फेट (PbSO₄) में परिवर्तित हो जाते हैं और सल्फ्यूरिक एसिड की खपत हो जाती है। बाहरी धारा प्रवाहित करके इस प्रक्रिया को रासायनिक रूप से प्रतिवर्ती बनाया जा सकता है, जिससे यह एक व्यावहारिक और मजबूत ऊर्जा भंडारण प्रणाली बन जाती है।





