द product life cycle बाजार को अक्सर "एस-वक्र" या लॉजिस्टिक फ़ंक्शन द्वारा ग्राफ़िक रूप से दर्शाया जाता है। यह वक्र समय के सापेक्ष बिक्री की मात्रा को दर्शाता है। यह शुरुआत में धीमी गति से उत्पाद की शुरुआत (परिचय) को दर्शाता है, जिसके बाद तीव्र घातीय वृद्धि होती है, जो बाजार के संतृप्ति स्तर (परिपक्वता) तक पहुँचने पर धीमी हो जाती है और अंततः स्थिर या घट जाती है। इसका आकार बाजार में उत्पाद को अपनाने की प्रक्रिया को दर्शाता है।











