पहला कार्यात्मक लेजर रूबी लेजर था, जिसका प्रदर्शन 1960 में किया गया था। यह एक सॉलिड-स्टेट लेजर है जो सिंथेटिक रूबी क्रिस्टल (क्रोमियम-मिश्रित एल्यूमीनियम ऑक्साइड) को अपने गेन मीडियम के रूप में उपयोग करता है। रूबी को एक शक्तिशाली ज़ेनॉन फ्लैशट्यूब द्वारा ऑप्टिकली पंप किया जाता है, जिससे क्रोमियम आयनों में पॉपुलेशन इनवर्जन होता है और 694.3 नैनोमीटर की तरंगदैर्ध्य पर गहरे लाल रंग की प्रकाश किरण उत्पन्न होती है।











