CAD में सॉलिड मॉडलिंग वस्तुओं को असंदिग्ध, विशाल 3D आकृतियों के रूप में प्रस्तुत करती है। दो प्राथमिक तकनीकें हावी हैं: बाउंड्री रिप्रेजेंटेशन (B-rep), जो एक ठोस को उसकी सीमा सतहों (चेहरों, किनारों, शीर्षों) द्वारा परिभाषित करती है, और कंस्ट्रक्टिव सॉलिड ज्योमेट्री (CSG), जो सरल आदिम ठोसों जैसे क्यूब्स, गोले और सिलेंडरों पर बूलियन ऑपरेशन (यूनियन, घटाना, इंटरसेक्ट) लागू करके जटिल आकृतियाँ बनाती है।











