रेडॉक्स (अपचयन-उपचयन) अभिक्रियाओं में रासायनिक प्रजातियों के बीच इलेक्ट्रॉनों का स्थानांतरण शामिल होता है। एक प्रजाति का उपचयन होता है (इलेक्ट्रॉन खोती है), जबकि दूसरी का अपचयन होता है (इलेक्ट्रॉन प्राप्त करती है)। ये दोनों प्रक्रियाएँ हमेशा एक साथ होती हैं। जो प्रजाति इलेक्ट्रॉन खोती है वह अपचायक (reducing agent) होती है, और जो प्राप्त करती है वह उपचायक (oxidizing agent) होती है। यह मूलभूत अवधारणा इलेक्ट्रोकैमिस्ट्री और कई जैविक प्रक्रियाओं का आधार है।





