एक विद्युत द्वि-परत संधारित्र (ईडीएलसी), जिसे सुपरकैपेसिटर भी कहा जाता है, इलेक्ट्रोलाइटिक विलयन को ध्रुवीकृत करके विद्युतस्थैतिक रूप से ऊर्जा संग्रहित करता है। पारंपरिक बैटरी के विपरीत, इसमें कोई रासायनिक अभिक्रिया शामिल नहीं होती है। यह उच्च सतह क्षेत्र वाले इलेक्ट्रोड और इलेक्ट्रोलाइट के बीच बनने वाली विद्युत द्वि-परत (हेल्महोल्ट्ज़ द्वि-परत) में ऊर्जा संग्रहित करता है। इससे अत्यंत तीव्र आवेशण और निर्वहन तथा बहुत लंबी चक्रीय जीवन संभव हो पाती है।





