सामान्य सापेक्षता ने बुध के पेरिहेलियन की असामान्य प्रीसेशन की पहली सटीक व्याख्या प्रदान की। न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण बुध की दीर्घवृत्ताकार कक्षा के अभिविन्यास में धीमी, क्रमिक परिवर्तन को पूरी तरह से स्पष्ट नहीं कर सका। आइंस्टीन के सिद्धांत ने प्रति शताब्दी लापता 43 आर्कसेकंड की सही भविष्यवाणी की, जिसका कारण सूर्य के चारों ओर स्पेसटाइम की वक्रता को बताया गया, जो इस सिद्धांत के लिए एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक सफलता थी।





