पैस्चेन-बैक प्रभाव बहुत मजबूत चुंबकीय क्षेत्र की उपस्थिति में होता है, जहाँ ज़ीमैन विखंडन ऊर्जा, सूक्ष्म-संरचना (स्पिन-कक्ष) अंतःक्रिया ऊर्जा से काफी अधिक हो जाती है। इस अवस्था में, कक्षीय (L) और स्पिन (S) कोणीय संवेग के बीच का युग्मन टूट जाता है। वे प्रबल बाह्य चुंबकीय क्षेत्र के चारों ओर स्वतंत्र रूप से परिक्रमण करते हैं, जिससे वर्णक्रमीय पैटर्न सरल हो जाता है।





